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खेल से खेल तक

रविवार, 28 अप्रैल 2013

मास्टर से महान माही !


27 APRIL 2013 वर्ल्ड क्रिकेट में कामयाबियों की मिसाल बन चुके सचिन तेंदुलकर औऱ महेन्द्र सिंह धोनी की तुलना तो आए दिन होती रहती है ... लेकिन अगर कोई ये कहे कि धोनी सिर्फ सचिन से ही नहीं बल्कि ... इतने महान हैं जितना 21वीं शताब्दी में किसी भी खेल का कोई दूसरा खिलाड़ी नहीं तो आप क्या कहेंगे ? जी हां सचिन औऱ धोनी की इसी महानता की इसी बहस एक बार फिर शुरू हो गई है ... आपके सामने रखेंगे वो आंकड़ें जो कभी सचिन को ... तो कभी धोनी को बताते हैं महान। क्रिकेट की पिच से दूर एडवर्ल्ड के में भी सचिन नहीं बल्कि धोनी को कहा जाता है जेंटलमैन का पारस पत्थर। -------------------------------------------------------------------------------------------------- DHONI THE MICHAEL JORDAN OF 21ST CENTURY वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार हो चुके सचिन तेंदुलकर ... और महेन्द्र सिंह धोनी के खेल के बारे में तो अक्सर तुलनाएं देखने को मिलती रही हैं । लेकिन मौजूदा वक्त में जिस बात का ज़िक्र होने से ... एक नई बहस का जन्म हो गया है वो ये है कि क्या धोनी इतने महान हैं ... कि उन्हें ना सिर्फ क्रिकेट बल्कि खेलों की ही दुनिया के ऑलटाइम ग्रेट कहे जाने वाले अमेरिकी बॉस्केटबाल लेंजेंड माइकल जॉर्डन के जितना महान मान लिया जाए। जी हां ... अक्सर भारतीय खिलाड़ियों की खामियां निकालने के लिए जानी जाने वाली ब्रिटिश मीडिया अब धोनी की इतनी मुरीद हो गई है कि उसने ... माही को 21वीं सदी का सबसे महानतम खिलाड़ी घोषित कर दिया है। ब्रिटिश अखबार ... The Telegraph ने धोनी की तुलना 20वीं सदी के सबसे महान खिलाड़ी माइकल जॉर्डन से की है। अखबार के मुताबिक जैसे धोनी मुश्किल से मुश्किल परिस्थिती में भी अपना धैर्य रखते हुए टीम को जीत दिला देते हैं ... कुछ वैसा ही 80 और 90 के दशक में माइकल जॉर्डन भी NBA की अपनी बॉक्सेटबॉल टीम शिकागो बुल्स के लिए किया करते थे। अखबार के मुताबिक धोनी ने बार-बार इस बात को साबित भी किया है ... फिर चाहे बात इंटरनेशनल क्रिकेट की हो जहां उन्होंने टीम इंडिया को कई मौकों पर जीत दिलाई ... या Indian Premier League की जहां वो अपनी टीम चेन्नई सुपरकिंग्स की सबसे मज़बूत कड़ी बन चुके हैं। अखबार में IPL-6 में खेले गए चेन्नई के पिछले मैच का भी ज़िक्र है ... जहां धोनी की तारीफ करते हुए ये भी लिखा गया है ... कि कैसे हैदराबाद के खिलाफ अंतिम 4 ओवरों में 46 रनों की दरकार के बावजूद ... धोनी ने अपना धैर्य नहीं खोया। और जीत के लिए ज़रूरी 46 में से 41 रन महज 12 गेंदों में बना दिए। शायद यही वजह है कि धोनी को भी उनकी काबिलियत की वजह से ... कैप्टन कूल कहा जाता है। लेकिन महानता की बहस में उनकी तुलना ऑलटाइम ग्रेट में किया जाना यकीनन वो उपलब्धि है ... जिसका सिर्फ ज़िक्र होना भी बड़ी बात है। ---------------------------------------------------------------------------------- COMPARISON OF SACHIN N DHONI ONFIELD STATS एक का बल्ला करता हैं ब्लास्ट ... तो दूसरे के बल्ले से निकलती हैं आग । एक है शतकों का शहंशाह तो दूसरा है गेंदबाजों के लिए काल ... जी हां टीम इंडिया के दो सबसे धुंरधर बल्लेबाजों सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी के बारे में आज जेंटलमैन गेम के जानकार सिर्फ यही कहते हैं। हकीकत तो यही है कि इन दोनों के बल्ले ... जब बेखौफ होकर आक्रमण करते हैं तो दुनिया का बड़े से बड़ा गेंदबाज भी बौना नजर आता है। बतौर कोई शक नहीं कि बतौर कप्तान धोनी ना सिर्फ टीम इंडिया बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट की किसी भी टीम के कप्तान से ज़्यादा कामयाब हैं ... लेकिन अगर बात अकेले बल्लेबाज़ी के आंकड़ों की होगी तो ... बात चाहे मैचों की हो, रनों की, शतकों या अर्धशतकों की ... इंटरनेश्नल क्रिकेट की पिच पर करीब ढाई दशक या 24 साल बिता चुके सचिन ... धोनी से कही आगे खड़े नज़र आते हैं। करियर में 198 टेस्ट खेल चुके सचिन ने 53.86 की औसत से रिकॉर्ड 15837 रन बनाए हैं। जिसमें 51 शतक और 67 अर्धशतक शामिल हैं । वहीं बात करें धोनी की तो 8 साल के अपने करियर में खेले 77 मैचों में माही करीब 40 की औसत से सिर्फ 4209 रन बना पाए हैं। इसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं। इसी तरह वनडे क्रिकेट में भी जहां सचिन ने किसी भी दूसरे बल्लेबाज़ से ज्यादा लंबे करियर में 463 मैचों में 44.83 की औसत से सबसे ज़्यादा 18426 रन बनाए हैं... इसमें भी सचिन के नाम 49 शतक और 96 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं धोनी की बात करे तो धोनी ने टीम इंडिया की ब्लू जर्सी में खेलते हुए अब तक 219 मैचों में 51.85 की औसत से 7259 रन बनाए हैं ... जिसमें 8 शतक और 48 अर्धशतक शामिल हैं इसी तरह करियर की अन्य कामयाबियों में सचिन की एक और उपलब्धि उन्हें मिले मैन ऑफ द मैच हैं ... जहां मास्टर ब्लास्टर धोनी से आगे नज़र आते हैं। अपने क्रिकेट करियर में सचिन को 62 बार वन-डे जबकि 14 बार टेस्ट मैचों में मैन ऑफ द मैच का खिताब मिल चुका है ... जबकि मैन ऑफ द सीरीज़ खिताब से वो 5 बार नवाज़े जा चुके हैं। GFX जबकि धोनी को करियर में 18 बार वन-डे और सिर्फ 2 बार टेस्ट क्रिकेट में मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला है। हालांकि धोनी मैन ऑफ द सीरीज़ के खिताब से 6 बार नवाज़े जा चुके हैं ... लेकिन ये सभी मौके वन-डे फॉर्मेट में ही देखने को मिले। साफ है रिकॉर्ड्स के मामले में सचिन फिलहाल धोनी से कहीं आगे हैं ... लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि जिस रफ्तार से माही की कामयाबियों का ग्राफ बढ़ रहा है वो अपना करियर खत्म होते-होते शायद इस फासले को कम ज़रूर कर देंगे। ------------------------------------------------------------------------------------ DHONI BETTER FINISHER THAN SACHIN एक है शतकों का शहंशाह तो दूसरा है मैच जिताने में महारथी एक नाम दर्ज हैं ...एक दो नहीं पूरे सौ शतक... तो दूसरे ने दिलाया ... इतिहासिक वर्ल्डकप.... जी हां ...आज माही अगर मास्टर की महानता को ललकारते नज़र आ रहे हैं ..तो उसमें धोनी की वो अदम्य शाहस भी शामिल है..जहां उन्होंने टीम इंडिया को एक दो नहीं बल्कि की बार मैच जिताए ... जबकि इसके उलट सचिन ने टीम इंडिया के शतकों का शतक तो पूरा किया ... लेकिन बेस्ट मैच फिनिशर का तमगा आज भी धोनी के नाम है ... ... मैच कहां फंसा है ..उसे फिनिसिंग टच कैसे देना है ... कैसे टीम इंडिया के सरताज़ बनाना है ...धोनी इसमें माहिर हैं ... ... जिसकी सबसे बड़ी मिसाल वो इतिहासिक वर्ल्डकप फाइनल है.. जहां बैक फुट पर नज़र आ रही टीम इंडिया को हाई प्रेशर गेम में धोनी ने 91 रनों की नाबाद पारी के साथ कुछ इस अंदाज़ में चैंपियन बनाया ... RELIEF जबकि सचिन मुहाने पर की बार फसते ही दिखे हैं यकीन ना हो तो ये आंकड़े देखिए सचिन ने अपने 23 साल लंबे करियर में टीम इंडिया के लिए 463 वनडे मुकाबले खेले हैं ..जिसमें से टीम इंडिया 200 मौकों पर हार का सामना करना पड़ा है ... जिसमें से 49 शतक लगाने वाले सचिन 14 मौकों पर शतकीय पारी खेलने के बावजूद टीम इंडिया का हार नहीं टाल सके हैं जबकि दूसरी ओर धोनी के धमाके का असर ये हैं ...219 वनडे मुकाबलों में माही 79 बार नाबाद लौटे हैं ..जिसमें से 62 बार वो टीम इंडिया को जीत दिलाने में कामयाब हुए हैं ..जबकि वो सिर्फ 6 बार ऐसा करने से चूके हैं इतना ही नहीं मैच जिताने के मामले में सचिन धोनी से पीछे हैं ही ...लेकिन खुद के लिए खेलने का सवाल भी सचिन पर हमेसा उठते रहे हैं ..जहां जानकारों के मुताबिक अपने सौवें शतक के लिए सचिन इतना धीमा खेले ..कि टीम इंडिया को बांग्लादेश के खिलाफ भी मैच गवांना पड़ गया साफ है ... इस मुहाने पर भी माही से मास्टर के सामने महान नज़र आते हैं... क्योंकि अगर मैच फंसा हो ..और रन रेट की दरकार 10 से उपर की भी हो ...तो आज के युवा की मांग मास्टर नहीं माही हैं। ------------------------------------------------------------------------------------ DHONI THE PROVEN LEADER SACHIN THE FAILURE ... ट्वेंटी-20 वर्ल्डकप, टेस्ट क्रिकेट की नंबर-1 की कुर्सी औऱ फिर वन-डे वर्ल्डकप ... महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया को हासिल हुई ये वो उपलब्धियां हैं ... जिनकी बदौलत भारतीय क्रिकेट के फैन्स को बादशाहत का जश्न मनाने का मौका तीन-तीन बार मिला । अपने कभी ना हार मानने वाले जज़्बे और धैर्य के साथ टीम को मुश्किल से मुश्किल हालात से उबारना धोनी को बखूबी आता है ... फिर बात चाहे इंटरनेशनल क्रिकेट की हो ... या फिर IPL जैसी घरेलू फटाफट क्रिकेट की लीग की। माही की कप्तानी के मुरीदों की कमी नहीं ... धोनी के फैन्स तो यहां तक कहते हैं कि अगर उनका कैप्टन कूल क्रीज़ पर मौजूद है तो हर अनहोनी ... धोनी के रहते होनी बन जाती है। धोनी आज भारत के सबसे सफल कप्तान हैं ... धोनी की कप्तानी में अब तक टीम इंडिया खेले कुल 47 टेस्ट खेले हैं ... जिनमें से टीम इंडिया को 24 में जीत और सिर्फ 12 में हार मिली है। इसी तरह वन-डे क्रिकेट में भी धोनी ने बतौर कप्तान टीम को ... 135 मैचों में से 77 जीत दिलाई हैं। इनमें से 47 मैचों में टीम को हार मिली है ... 3 मैच टाई रहे जबकि 8 मैच बेनतीजा रहे। वहीं सचिन तेंदुलकर भले ही बतौर क्रिकेट के ऑलटाइम ग्रेट्स में शुमार माने जाते रहे हों ... लेकिन बतौर कप्तान उनमें कभी भी आत्म विश्वास नज़र नहीं आया। बल्कि हालात तो ऐसे रहे कि कप्तानी के दबाव में ... उनका खुद के खेल पर असर पड़ने लगा था। जिससे बचने के लिए उन्होंने टीम की कप्तानी खुद ही छोड़ भी दी थी ... बल्लेबाज़ी में रिकॉर्ड्स के शिखर पर बैठे सचिन बतौर कप्तान टीम इंडिया को 25 टेस्ट में से सिर्फ 4 में ही जीत दिला सके ... जबकि 9 में उन्हें हार मिली। इसी तरह वन-डे क्रिकेट में भी टीम को बतौर कप्तान 73 में से सिर्फ 23 मैचों में जीत दिला सके ... जबकि 6 मैच टाई रहे ... इसमें भी एक मैच बेनतीजा रहा था। ... दूसरी तरफ धोनी की कप्तानी की खास बात ये है कि ज़िम्मेदारी के साथ उनके खेल में और भी निखार आ गया है ... टेस्ट, वन-डे औऱ ट्वेंटी-20 हर फॉर्मेंट में धोनी ... टीम में अलग-अलग मोर्चे पर ऐसा आत्मविश्वास भर चुके हैं । IPL में भी धोनी की कप्तानी का जलवा खूब बोलता है जहां वो अपनी टीम को लीग के खेले पिछले हर सीज़न में टॉप-4 में पहुंचाने के अलावा ... 2 बार खिताब भी जिता चुके हैं। आज धोनी वर्ल्ड क्रिकेट के इकलौते ऐसे कप्तान हैं ... जिनके नाम क्रिकेट के हर फॉर्मेट में अपनी टीम को ना सिर्फ जीत दिलाने बल्कि चैंपियन बनाने की उपलब्धि भी दर्ज हो चुकी है। ज़ाहिर तौर पर बतौर कप्तान धोनी वो शक्सियत हैं जिस जैसी दूसरी मिसाल वर्ल्ड क्रिकेट में ढूंढने से भी नहीं मिलेगी। ------------------------------------------------------------------------------------ DHONI BIGGER BRAND THAN SACHIN महेंद्र सिंह धोनी और सचिन तेंदुलकर सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट की पिच के भी ... सबसे कामयाब चेहरे हैं। इनकी शख्सियत का पूरी दुनिया सजदा करती हैं ... । यही वजह है कि क्रिकेट की पिच पर प्रदर्शन की बदौलत ... इन दोनों पर शौहरत औऱ कामयाबी की भी अच्छी खासी बारिश होती है। हालांकि फर्क सिर्फ इतना है कि यहां हालिया बरसों में धोनी ... सचिन से काफी आगे निकल गए सचिन रमेश तेंदुलकर औऱ महेन्द्र सिंह धोनी ... जेंटलमैन गेम क्रिकेट के इन दो सितारों के बारे में क्या कहा जाए। अगर 23 साल से जारी अपने बेमिसाल करियर के दम पर ... सचिन वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे बड़े नाम हैं ... तो दूसरी तरफ महज़ साढे 8 साल के क्रिकेट करियर ... औऱ 5 साल की कप्तानी के करियर के दम पर महेन्द्र सिंह धोनी हैं ... जिन्हें दुनिया जेंटलमैन गेम का सबसे शातिर कप्तान मानने लगी है। रिकॉर्ड्स औऱ उपलब्धियों के मंच पर भले ही दोनों की तुलना ना हो सके ... लेकिन अगर बात बड़े ब्रांड की होगी ... तो कहा जा सकता है कि धोनी सचिन से एक-तिहाई करियर होने के बावजूद मास्टर से बड़े बड़े ब्रांड बन चुके हैं। पिछले कुछ बरसों में 22 गज की पिच पर बतौर कप्तान और बल्लेबाज़ मिली बेशुमार कामायाबी से धोनी एड वर्ल्ड का नए किंग बन चुके हैं। धोनी आज बाज़ार के वो पारस पत्थर हैं ... जिसके छूते ही चीज सोना बन जाती है। और इस बात की तसदीक ब्रांड एक्सपर्ट, मीडिया analyst और स्पोर्ट्स मार्केटिंग एजेंसियों के आंकड़े भी साफ-साफ करते हैं। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक धोनी की मौजूदा ब्रांड वेल्यू 300-350 करोड़ रुपयों से भी ज़्यादा की है ... जबकि 40 के हो चुके सचिन की ब्रैंड वेल्यू 150-200 करोड़ रूपयों की है। धोनी फिलहाल 24 ब्रांड्स को एंडोर्स कर रहे हैं ... जबकि सचिन का नाम 17 ब्रांड्स के साथ जुड़ा हुआ है। मौजूदा वक्त में धोनी एक ब्रांड को प्रमोट करने के सालाना 10 से 12 करोड़ रुपये लेते हैं ... तो दूसरी तरफ सचिन एक ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए सालाना 7 से 9 करोड़ रूपए लेते हैं इतना ही नहीं एड वर्ल्ड से होने वाली कमाई के मामले में भी धोनी सचिन से मीलों आगे हैं। इस कमाई के नाम पर जहां धोनी ने पिछले साल 128 करोड़ रूपयों की कमाई की ... तो वहीं सचिन ने सिर्फ 70 करोड़ रूपए ही कमाए। मतलब साफ है कि धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया को मिली कामयाबियों ने ... माही के सेलीब्रिटी STATUS और ब्रांड वेल्यू दोनों को ब्रांड सचिन से मीलों आगे पहुंचा दिया है। जिससे फिलहाल तो कोई औऱ टक्कर देता नज़र नहीं आ रहा। --------------------------------------------------------------------------------- COMPARISON OF ACHIEVEMENTS BETWEEN SACHIN N DHONI सवाल है कि धोनी के धमाके की गूंज ज्यादा है या फिर मास्टर के ब्लास्ट की ... जबाव ढूंढना यकीनन आसान भी नहीं है। क्योंकि एक ने जहां 23 साल से भी ज़्यादा अरसे से वर्ल्ड क्रिकेट पर राज किया है ... तो दूसरे ने भी मौजूदा वक्त के सिर्फ 8 साल के करियर में वो मुकाम हासिल किया जिसे दुनिया सलाम करती है। सचिन औऱ धोनी दोनों की ही ज़िंदगी से जुड़ी कुछ और उपलब्धियों पर जब आप नजर डालेंगे तो आपको खुद ब खुद पता चल जाएगा कि महान कौन है सचिन महान हैं ..इसमें कोई शक नहीं ....लेकिन महानता कि इस मिसाल में आज जमाना धोनी का है .... आज सचिन के रिकॉर्ड्स की फैंस दाद देते है ... तो धोनी का धमाका उन्हें झूमने पर मज़बूर कर देता है ..और शायद यही वजह है कि वर्ल्ड क्रिकेट के इतिहास में सचिन ने मैदान के बाहर जो कुछ 23 सालों के लंबे करियर में हासिल किया...उतना तो नहीं लेकिन काफी हद तक उसे धोनी ने ...महज़ 8 साल में अपने नाम करवा लिया ... बात ICC के दुनिया के दबंग ODI खिलाड़ियों की फेहरिस्त में जगह बनाने की हो ... या ICC PLAYER OF THE YEAR बनने की माही आज हर जगह मास्टर को टक्कर देते हैं ... सचिन को तीन बार ICC World ODI XI में (2004, 2007, 2010) तो धोनी को चार मौकों पर ICC World ODI XI में (2008, 2009, 2010, 2011) में शामिल किया गया है सचिन को अगर वायूसेना में ग्रुप कैप्टन की उपाधी से नवाज़ा गया तो धोनी भी टेरेटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की ऑन्रेरी रैंक से सम्मानित हुए सचिन को साल 1997 में विज़डन क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया तो धोनी को दो बार (2008, 2009) ODI प्लेयर ऑफ द ईयर के खिताब से नवाज़ा गया सचिन के पास ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया का सम्मान है ..तो धोनी को De Montfort University से डॉक्टरेट की उपाधी पा चुके हैं बात सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न की करें ..तो सचिन को ये सम्मान लेने में जहां 6 साल लग गए ... तो धोनी ने अपने इंटरनेशनल करियर के तीसरे साल में ही इस पर कब्जा कर लिया हालांकि ....Padma Vibhushan....Padma Shri....Sir Garfield Sobers trophy...जैसे कुछ एक सम्मान के साथ सचिन ज़रूर धोनी से आगे खड़े नज़र आते हैं ... लेकिन दोनों के क्रिकेटिंग करियर के सालों के अंतर को देखे तो ...23 और 8 साल के बीच फासला साफ बताता है... कि धोनी के धमाके की गुंज का असर ..मास्टर के ब्लास्ट से कहीं ज्यादा है। रजनीश कुमार खेल पत्रकार

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