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खेल से खेल तक

गुरुवार, 14 नवंबर 2013

सचिन... दीवानों के दिल से....संकलन रजनीश बाबा मेहता


हज़ारों बरस नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है......बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा.... ये फैसला सचिन का था...तो सचिन ने कर दिया..... मगर क्या चंद अल्फाज़ों से....चंद जज्बातों में....ये रिश्ता खत्म हो जाएगा.... नहीं.......क्योंकि दिलों के रिश्ते, ज़ुबां से खत्म नहीं होते.... कभी सोचा ही नहीं कि अब क्या होगा....सचिन क्या करेंगे....हम क्या करेंगे....बेचारा क्रिकेट का करेगा.... कभी समझा ही नहीं कि, बिन सचिन क्रिकेट का रंग क्या होगा......तालियां बजेंगी भी या नहीं....शोर उठेगा भी या नहीं.... क्या मैच के लिए फिर कभी बहाने बनेंगे....क्या एक खिलाड़ी के आउट होते ही टीवी बंद होंगे....क्या फिर क्रिकेट में कोई इंकलाब होगा.....क्या फिर किसी का वैसा ही इस्तकबाल होगा.... ------------------------------------------------------------------------------------------- बस दो पल के लिए ये सोचिए कि सचिन अब दोबारा मैदान पर नहीं लौटेंगे...बस एक लम्हे के लिए ये महसूस कीजिए कि सचिन की पारियां अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी....वो पारियां...वो चौके....वो छक्के....अब दोबारा नहीं दिखेंगे.... ----------------------------------------------------------------------------------------- दीवानगी जब नशा बन जाए...तो नज़ारे कुछ ऐसे ही होते हैं.... 24 बरस से ये दुनिया बरस इसी सुरुर में झूम रही है.... हर आगाज़ पर एक आवाज़ उठती है...और उस आवाज़ से करोड़ों अरमान......जो न तब खत्म हुए थे.....न अब खत्म हुए हैं..... सचिन के रास्ते जुदा हो रहे हैं....लेकिन वो यादें, हमेशा उसी मोड़ पर मिलेंगी....जहां अपने खुदा की विदाई पर ये खेल हमेशा सिसकियां लेता रहेगा... दीवानगी का कोई नाम हो न हो....एक अहसास जरूर है....जिसे हमने भी महसूस किया है....और उन्होंने भी जिनके नाम पर दीवानगी के दरिया आज भी बहते हैं... उसमें कुछ तो बात होगी....जो अमिताभ की एक्टिंग को रोक दे....लता की गायकी को थाम दे....जिसके नाम पर इसी कायनात में एक नई दुनिया बसती हो....जिसकी आहट पर करोड़ों दिल खिलते हों....जिसे इंसान होकर भी ये दुनिया इंसान मानने से इंकार कर दे.....जिसकी हर हरकत में मुल्क की बरकत तलाशी जाए.... दीवानगी का रिश्ता दिल से है...और सचिन का ज़िन्दगी से....उसके अलविदा कहने से.....ये रिश्ते खत्म नहीं होंगे....यादें फिर लौटकर आएंगी....हर बार, जब क्रिकेट की बात चलेगी.....जब खेल का ज़िक्र होगा.... ---------------------------------------------------------------------------------------------------- सचिन का सबसे बड़ा दीवाना कौन है...इसका कोई पैमाना नहीं...लेकिन दीवानों की फेहरिश्त में कई नाम ऐसे भी हैं, जिनकी पूरी दुनिया दीवानी है....फिर वो अमिताभ बच्चन हों...लता मंगेशकर हों....या फिर आशा भोंसले... सदी के महानायक और सही के सबसे बड़े खिलाड़ी के बीच वहीं रिश्ता है...जो आपके और सचिन के बीच है......यानी दीवानगी..... सचिन की पारी के लिए काम-धाम छोड़ना...सचिन के सिक्सर पर हुल्लड़ मचाना....मास्टर के हर आगाज़ पर ताली...और पारी के हर अंज़ाम पर मातम.... इस रिश्ते के हर रिवाज़ को अमिताभ भी 24 साल से निभा रहे हैं....जब सचिन के संन्यास की खबर आई, तो अमिताभ के चेहरे पर भी वैसे ही शिकन थी...जो हमने और आपने महसूस की... ............ कुछ वक्त पहले जब एक समारोह में सचिन और अमिताभ का आमना-सामना हुआ था...तो खुद महानायक ने कबूल किया था...कि मास्टर की पारियों की वज़ह उन्होंने भी खूब छुट्टियां ली हैं.... सचिन की नज़र में लता मंगेशकर का दर्जा मां से भी बड़ा है....सचिन की हर कामयाबी में लता की दुआएं भी साथ रही हैं....और लता के हर सुर में सचिन की दाद.... सचिन लता को आई कहकर पुकारते हैं...और लता ने भी सचिन को बेटे जैसा प्यार दिया....लेकिन मैदान के अंदर मां-बेटे का ये रिश्ता खत्म हो जाता है...और लता की आवाज़ भी उसी सुर का हिस्सा बनती है...जो पूरे हिन्दुस्तान के दिल से निकलती है... ------------------------------------------------------------------------------------------------------------ कुछ यही नाता सचिन और आशा भोसले के बीच है....आशा की नज़र में भी सचिन खुदा है...और उनकी शख्सियत एक मिसाल.....अपने जज्बातों का इज़हार खुद आशा भोसले भी कई बार कर चुकी हैं ...... यानी वो हस्तियां, जो भारत के रत्न हैं....वो भी सचिन को देश का असली कोहिनूर मानती हैं.... --------------------------------------------------------------------------------------- शाहरुख खान..आमिर खान...और सलमान खान...पूरी दुनिया में बॉलीवुड के तीनों खान के दीवानों की गिनती करें...तो शायद आंकड़ा हिन्दुस्तान की पूरी आबादी तक पहुंच जाएगा....लेकिन वो सितारे जिनकी पूरी दुनिया दीवानी है....उनकी दीवानगी का नाम है...सचिन तेन्दुलकर ...... शाहरुख... सलमान...और कभी आमिर.....बेशक फिल्मी दुनिया के ये तीन आसमान हों.....लेकिन सचिन के नाम पर ये तीनों कलाकार एक ही जमीन पर दिखते हैं..... आमिर और सचिन की दोस्ती कितनी पुरानी है...तारीख इन तस्वीरों में ही छिपी है.... बात 1990 की है..जब आमिर की फिल्म अंदाज़ अपना अपना की शूटिंग शुरु हुई थी...और खुद आमिर ने सचिन को फिल्म की मुहुर्त शूटिंग में आने का न्योता दिया था.... यानी सचिन का क्रिकेट का सफर...और आमिर की दीवानगी साथ साथ ही चली है...जब जब सचिन की बात चली है....आमिर के जज्बात जुबां पर आ ही गए... ... ये सच है कि शाहरुख के नाम पर करोड़ों दिन धड़कते हैं....लेकिन जब सचिन का ज़िक्र आता है...तो किंग खान भी सिर झुकाते हैं.... खुद शाहरुख खान भी ये इकरार कर चुके हैं...सचिन की बल्लेबाज़ी की खातिर उन्होंने भी काम-धंधा छोड़ा है....स्कूल से छुट्टी की है... क्रिकेट से दूर बेशक शाहरुख एक सुपरस्टार हों...लेकिन मैदान के भीतर वो भी उसी भीड़ का हिस्सा हैं, जो सचिन को क्रिकेट का भगवान मानती है .... दबंग खान भी हमनें और आपसे जुदा नहीं है....खासतौर पर तब, जब मैदान पर सचिन का बल्ला आग अगला हो....दो बरस पहले मुकेश अंबानी की महफिल में सलमान खान ने खुद इस बात को कबूल भी किया था... .................................. कितना भी बड़ा कलाकार हो...कितना भी बड़ी सुपरस्टार हो....हर हस्ती की नज़र में सचिन सबसे बड़ी हस्ती हैं.... ----------------------------------------------------------- बॉलीवुड की बात तो हो गई...बारी अब क्रिकेट की दुनिया की है..वैसे तो पूरी क्रिकेट बिरादरी सचिन के सामने सिर झुका चुकी है....लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जिनकी जज्बात अक्सर जुबां पर आते रहे हैं....जिनके लिए सचिन खुदा से भी बढ़कर हैं .................. हर जुबान से सिर्फ एक नाम...सचिन..... इस मंज़िल के लिए सचिन का कारवां उस दिन ही चला पड़ा था...जब सर डॉन ब्रैडमैन ने खुद सचिन में अपना अक्स तलाशा था.... यूं तो क्रिकेट की कायनात में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं...जिसने सचिन को सज़दा न किया हो.... 16 साल की बरस में भी सचिन...बड़े बड़े दिग्गजों को आगे बढ़ने की हिम्मत दे चुके हैं....और यही उन सितारों की सचिन के लिए दीवानगी की असली वज़ह भी है..... एक ऐसा ही किस्सा नवजोत सिंह सिद्धू की जुबान से सुनिए......कहानी उस वक्त की है, जब सचिन करियर के पहले दौरे पर पाकिस्तान गए थे... इस बात में शक नहीं कि 1983 की जीत ने सचिन को क्रिकेटर बनने की वज़ह दी थी....लेकिन इस बात में भी दो राय नहीं कि सचिन के करिश्मे ने हज़ारों नौजवानों को क्रिकेट के मैदान से जोड़ दिया....जिसमें एक नाम वीरेन्द्र सहवाग का भी है.... सचिन की दीवानों का ज़िक्र हो..तो इस शख्स का ज़िक्र भी जरूरी है... नाम है सुधीर...सुधीर कौन हैं..शायद बताने की जरूरत नहीं है...लेकिन सचिन की विदाई पर सुधीर के दिल की बात..आपको सुनाना जरुरी है...क्योंकि ये जज्बात सिर्फ सुधीर नहीं...हमारे भी हैं...और आपके भी.... रजनीश बाबा मेहता Seg- 1 - http://youtu.be/taOap3AoFVw Seg- 2 - http://youtu.be/tWy4B9Pc0ew Seg- 3 - http://youtu.be/GjHaxYBzuww Seg- 4 - http://youtu.be/MA54XQi2hUw

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