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गुरुवार, 22 दिसंबर 2011

सचिन का महाशतक



साल 2011 में सचिन को अपना महाशतक बनाने के लिए अब सिर्फ एक ही मौका मिलेगा ... और वो होगा मेलबर्न में खेला जाने वाला बॉक्सिंग-डे टेस्ट। वैसे अगर मेलबर्न के मैदान पर सचिन के नाम मौजूद रनों के आंकड़ों को देखा जाए ... तो उम्मीद की जा सकती है ... कि महाशतक का जश्न ज़्यादा दूर नहीं है।

खत्म होगा फैंस का इंतजार
मेलबर्न में जमकर मनेगा जश्न
क्योंकि,
सचिन के बल्ले से निकलेगा
'शतकों का महाशतक'


इन लम्हों के  देखकर क्रिकेट की दुनिया के साथ साथ सचिन भले ही निराशा के भंवर में डूब गए थे...लेकिन वक्त की बयार ने ऐसी करवट ली...जिसके बाद ये लम्हें अब शायद कभी देखने को ना मिले...जी हां लगातार कई महीनों से अर्धशतक और शतक के बीच अपना विकेट गंवाकर... पवेलियन लौटते सचिन के बोझिल कदमों.. और निराश चेहरों का बोझ ..तो फैंस ने की बार ढोया...लेकिन अब यहीं निराशा आशा की ऐसी किरण में बदलने वाली है..जिसे देख सबकी जुबां से यही निकलेगा...महाशतकवीर सचिन तुम महान हो... क्रिकेट की दुनिया के इस भरोसे की बुनियाद खुद सचिन का वो रिकॉर्ड है...जो महाशतक के पूरा होने की गवाही दे रहा है..मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में सचिन ने अब तक कुल 4 टेस्ट मैच खेले हैं...जिनमें उन्होंने 43 की औसत से 344 रन बनाने में कामयाब रहें हैं...तो वहीं इस मैदान पर सचिन के बल्ले ने एक बार शतक के साथ साथ दो बार अर्धशतक का भी स्वाद चखा ...
1999-2000 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे में सचिन ने इस मैदान पर 116 रनों की यादगार पारी खेली थी... ये आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि सचिन अपने 22 साल के क्रिकेट करियर में मेलबर्न के ग्राउंड पर खूब रन बटोरे...अब जब सचिन महाशतक का ट्रेलर प्रैक्टिस मैच में 92 रनों की पारी खेलकर दिखा चुके हैं..तो हर कोई महाशतक के जश्न की तैयारी में लग चुका है...क्योंकि .सचिन कंगारूओं के घर में रनों का लावा जो उगलना शुरू कर दिया ...मेलबर्न मैदान में सचिन के ऐतिहासिक आंकडे और प्रैक्टिस मैच में शानदार 92 रन इतना बताने के लिए काफी है...कि जल्द ही क्रिकेट की दुनिया  मास्टर के बल्ले से महाशतक का दीदार करने वाली है...तो बस तैयार हो जाइए...महाशतक के जश्न में डूबने के लिए...


रजनीश कुमार
खेल पत्रकार

महाशतक पर महासट्टा



सचिन के महाशतक पर महासट्टा

सचिन की शक्सियत पर अगर कंगारू रिसर्च ने मुहर लगा दी है ... तो वहीं क्रिकेट के खेल में सचिन की महानता पर चार चांद लगाने वाले ... महाशतक पर सट्टेबाज़ पैसा लगाते जा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक अकेले इस बात को लेकर ... कि सचिन का सौंवा शतक कब बनेगा ... दुनिया भर में करीब 5000 करोड़ का सट्टा लग सकता है।


दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के महाशतक पर...10 या 20 लाख का नहीं...बल्कि पूरे 2000 करोड़ का महासट्टा लग चुका है...चौंक गए ना आप...लेकिन ऑस्ट्रेलियाई सरमजीं पर सचिन के शतक को भुनाने में सटोरिये जी जान से लग चुके हैं...यही वजह है कि बॉक्सिंग डे के 4 दिन पहले ही..सट्टेबाजी की दुनिया महाशतक पर 2000 करोड़ का सट्टा खेल चुकी है...इतना ही नहीं एक अनुमान के मुताबिक टेस्ट शुरू होने तक सट्टा 5000 करोड़ तक पहुंच जाएगा... ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी खिलाड़ी के एक शतक पर ....करोड़ों का दांव खेला जा रहा है....ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर सचिन के बल्ले की आग को देखते हुए हर किसी की जुबां पर सिर्फ यही है कि...अब खत्म हो जाएगा महाशतक का इंतजार...सचिन के महाशतक पर ऐतिहासिक सट्टा लगाने वाले सटोरियों ने महाशतक पर जहां दोगुना भाव खोल रखा है तो वहीं...साल 2011 में सचिन के आखिरी टेस्ट को लेकर भी  उन दांव लगाया जा रहा है...सटोरियों ने महाशतक के अलावा ...इस बात पर रेट ओपन किया है कि क्या सचिन अपने 2011 के आखिरी टेस्ट यानि मेलबर्न में ही शतकों के महाशतक का इंतजार खत्म कर पाएंगे ? 
12 मार्च, 2011 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वर्ल्डकप मुकाबले में...सचिन के बल्ले से निकले 99वें शतक के लगभग 9 महीनों के बाद ....सटोरियों ने एक बार फिर ऐतिहासिक 2000 करोड़ का सट्टा खेल ...साल का सबसे बड़ा रिस्क ले लिया...ऐसे में अगर सचिन महाशतक का इंतजार अगर खत्म कर देते हैं तो फिर सटोरियों की चांदी होनी तय है... क्योकि सचिन के बल्ले से रनों की बरसात..सटोरियों पर भी करोड़ों की बरसात करवाएंगे....क्योंकि ये है महाशतक पर सटोरियों का महासट्टा।


रजनीश कुमार
खेल पत्रकार

गुरुवार, 7 अप्रैल 2011

भारत 28 साल बाद फिर बना विश्व चैंपियन

धोनी जैसा कोई नहीं
भारत ने 28 साल बाद क्रिकेट विश्व कप जीत लिया है. श्रीलंका के 274 रनों का पीछा करते हुए भारत ने छह विकेट गँवाकर ये मैच अपने नाम कर लिया.

भारतीय क्रिकेट टीम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का मार कर क्रिकेट विश्व कप भारत के नाम किया.
और इस जीत के साथ ही भारत के कई शहरों से जश्न की ख़बरें आने लगीं. मुबंई से लेकर सिलिगुड़ी तक क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतर आए.

उधर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीम के सभी खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपए और चयनकर्ताओं को 25-25 लाख रुपए देने का ऐलान किया.

भारत और श्रीलंका के बीच फ़ाइनल मुक़ाबला देखने पहुंची राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने रविवार को भारतीय टीम को राज भवन में एक चाय पार्टी का निमंत्रण दिया है.

इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारतीय क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई दी है.

मैच का हाल

भारत की जीत में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और गौतम गंभीर ने एक अहम भूमिका निभाई. धोनी ने 79 गेंदों में 91 रन बनाकर नॉट आउट रहे जबकि गंभीर 97 रन बनाकर वह तिसारा परेरा की गेंद पर बोल्ड हुए.

शुरुआती झटकों के बाद गौतम गंभीर और विराट कोहली मिलकर पारी को संभाल रहे थे इस साझेदारी की बदौलत भारत ने अपने 100 रन भी पूरे कर लिए थे.

लेकिन 22वें ओवर में विराट कोहली दिलशान की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे. उन्होंने 49 गेंदों में 35 रन बनाए.

इससे पहले भारत की पारी जैसे ही शुरु हुई तो पहले ही ओवर में लसित मलिंगा की गेंद पर वीरेंदर सहवाग एलबीडब्ल्यू आउट हो गए. जबकि सातवें ओवर में मलिंगा ने सचिन तेंदुलकर को आउट कर दिया.

एक ओर जहाँ लोग सचिन से शतक की उम्मीद लगाए बैठे थे वहीं मलिंगा ने उन्हें 18 रन के स्कोर पर ही पवेलियन लौटा दिया. सचिन के आउट होते ही स्टेडियम में बैठे उनके हज़ारों प्रशंसक मानो हतप्रभ रह गए.

लेकिन फिर गंभीर और विराट कोहली ने पारी को धैर्यपूर्वक आगे बढ़ाया. दोनों के बीच 83 रनों की साझेदारी हुई. कोहली के बाद गंभीर ने कप्तान धोनी के साथ पारी को स्थायित्व देते हुए टीम को जीत की ओर बढ़ाया और दोनों ने 91 रन जोड़े.

इसके बाद विराट कोहली दिलशान के हाथों में कैच दे बैठे. एक बार लगा कि भारतीय पारी मुसीबत में आ गई है लेकिन कप्तान धोनी ने धैर्य से खेलते हुए टीम को जीत दिलाई.

इस विश्व कप में अब तक अपने बल्ले से ज़्यादा कमाल नहीं दिखा पाए धोनी ने फ़ाइनल में एक बेहतरीन पारी खेलते हुए 91 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली.

जयवर्धने का शतक

पहले बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका ने छह विकेट के नुक़सान पर 274 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया और इसमें महेला जयवर्द्धने के शतक की अहम भूमिका रही.

भारत पर बैटिंग पावर प्ले भारी पड़ा और श्रीलंका ने अंतिम पाँच ओवरों में 63 रन जोड़े. शुरू के पाँच ओवरों में छह रन देने वाले ज़हीर ख़ान ने अंतिम पाँच ओवरों में 54 रन दिए और उसमें भी अंतिम दो ओवरों में 35 रन.

इस स्कोर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाने वाली दूसरी पारी तिसारा परेरा की रही जिन्होंने नौ गेंदों में तीन चौके और एक छक्का मारकर 22 रन जोड़ दिए.

वैसे इस टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली श्रीलंका की सलामी जोड़ी भारत के विरुद्ध कुछ ख़ास नहीं कर सकी. पहले ज़हीर ख़ान ने उपुल तरंगा को विकेट के पीछे पहली स्लिप में वीरेंदर सहवाग के हाथों कैच आउट करा दिया.
उस समय श्रीलंका का स्कोर 17 रन था और ये विकेट सातवें ओवर में गिरा. उसके बाद टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले तिलकरत्ने दिलशान हरभजन सिंह की एक गेंद पर बोल्ड हो गए. उन्होंने 33 रन बनाए थे, इस तरह टूर्नामेंट में उनका कुल स्कोर 500 रन रहा.

श्रीलंका का दूसरा विकेट 60 के स्कोर पर गिरा था जिसके बाद कप्तान संगकारा ने महेला जयवर्द्धने के साथ मिलकर 62 रन और जोड़े. उसके बाद युवराज सिंह की एक गेंद खेलने के चक्कर में संगकारा का कैच विकेट के पीछे धोनी ने लपक लिया.

संगकारा 48 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद जयवर्द्धने ने समरवीरा के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी की और तभी युवराज की गेंद पर समरवीरा 21 रन बनाकर एलबीडब्ल्यू हो गए.

अगले खिलाड़ी चमारा कपुगडेरा अभी रुककर पिच को समझते कि अगले ही ओवर में ज़हीर ख़ान की गेंद पर उनका कैच शॉर्ट एक्स्ट्रा कवर पर सुरेश रैना ने लपक लिया.

श्रीलंका के लिए हुई कई प्रमुख साझेदारियों में जयवर्द्धने के साथ नुवान कुलसेकरा की भी पारी रही जिन्होंने 66 रन जोड़े और कुलसेकरा ने 30 गेंदों में 32 रन बनाए, जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था.

टॉस की अनिश्चितता

इससे पहले टॉस को लेकर एक बार अनिश्चितता की स्थिति बन गई थी क्योंकि पहली बार जब सिक्का उछाला गया तो मैच रेफ़री सुन नहीं पाए कि कुमार संगकारा ने क्या कहा.

उसके बाद दोबारा टॉस करना पड़ा और श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया.

भारत ने सेमीफ़ाइनल में खेले आशीष नेहरा की जगह एस श्रीसंत को टीम में शामिल किया था. नेहरा के घायल होने के बाद आर अश्विन को शामिल किए जाने की चर्चा थी मगर ऐसा नहीं हुआ.

श्रीलंका ने एंजेलो मैथ्यूज़, अजंता मेंडिस, रंगना हेरात और चमारा सिल्वा की जगह तिसारा परेरा, सूरज रंदीव, नुवान कुलसेकरा और चमारा कपुगडेरा को शामिल किया है.

बुधवार, 19 जनवरी 2011

लारा नहीं बाबा ऑक्टोपस पॉल कहो


लारा करेंगे भविष्यवाणी

क्रिकेट के महाकुंभ से पहले हुई है सबसे बड़ी भविष्यवाणी । वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा ने किया है ऐलान कि टीम इंडिया ही रचेगी साल 2011 में इतिहास ।
ये बातें हकीकत में कितनी बदलती है ये तो वक्त बताएगा लेकिन आईपीएल में नहीं बिके लारा अब नई भूमिका में दिखने वाले हैं.। जी हां लारा अब बाबा ऑक्टोपस पॉल की भूमिका में फीवर 2011 यानि क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ वर्ल्ड कप में अपनी भविष्यवाणी से सबका ध्यान अपनी ओर खीचेंगे।पूर्व कैरेबियाई कप्तान और कभी वर्ल्ड क्रिकेट पर राज करने वाले...वेस्टइंडीज़ के पूर्व बल्लेबाज़ ब्रायन चार्ल्स लारा ने...बिना किसी हिचक के साफ ऐलान कर दिया है...कि वर्ल्ड कप 2011 में अगर किसी टीम की तूती बोलेगी....तो वो सिर्फ और सिर्फ टीम इंडिया ही होगी लारा इस बात से भली भांति वाकिफ हैं...कि एशियन सबकॉन्टिनेंट...खासकर भारतीय पिचों पर टीम इंडिया के खिलाफ मोर्चा खोलना...विरोधी टीमों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा... फिर चाहे डिफेंडिंग चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया...इनफॉर्म इंग्लैंड...साउथ अफ्रीका या फिर खुद कैरेबियाई टीम वेस्टइंडीज़ ही क्यों ना हो..
लारा वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया की जीत का दावा कर रहे हैं...तो इसके पीछे वो सिर्फ टीम इंडिया के दमदार खेल को ही वजह नहीं बता रहे.। लारा के मुताबिक...वर्ल्ड कप 2011 का खिताब भारत की झोली में आएगा..और इस कारनामे को अंजाम देगा..क्रिकेट का भगवान...सचिन रमेश तेंदुलकर...जो खुद लारा के भी भगवान हैं.।लारा ने क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ से पहले...भारत के जीत की भविष्यवाणी कर...टीम इंडिया को तो खुश किया ही है....साथ ही उन्होंने क्रिकेट क्रेज़ी इस देश के करोड़ों फैंस को भी अपना दीवाना बना लिया है।

 
 
 
 

धोनी का Survival Plan


करनी होगी एक नई शुरूआत

धोनी के इन अल्फाज़ ने टीम इंडिया के रणबांकुरों में ऐसा जोश भरा कि..केपटाउन में प्रोटियाज मेन इन ब्लूज के कदमों में नजर आई...वर्ल्ड कप की ड्रीम टीम का सेलेक्शन होने के बाद...माही के मतवालों पर बेहतरीन प्रदर्शन का दवाब भी था...लेकिन धोनी के एक प्लान ने साउथ अफ्रीका पर बैक टू बैक 2 वनडे में  रोमांचक जीत हासिल कर सबको चौका दिया...
दरअसल धोनी ने... डरबन वनडे में 135 रनों से मिली करारी शिकस्त के बाद...टीम इंडिया की जीत के लिए बनाया था...एक survival plan...एक ऐसा प्लान जिसका भविष्य खुद धोनी को भी पता नहीं था....डरबन वनडे में मिली शर्मनाक हार से टीम इंडिया की वर्ल्ड कप  की तैयारियों पर क्रिकेट पंडितों के साथ साथ फैंस ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए थे....जो कि  कैप्टन कूल को कतई बर्दाश्त नहीं था....और धोनी ने अपने  survival plan के तहत अनहोनी को होनी करने की ठान ली...survival Plan...के जरिए टीम इंडिया को पुरानी लय पाने के साथ साथ फैंस का भरोसा भी हासिल करना था...धोनी के 11 सूरमाओं ने survival Plan के तहत पहले जोहानिसबर्ग की जंग को अपने नाम किया....फिर आई केपटाउन की बारी...जिसमें धोनी की आर्मी ब्रिगेड छोटा लक्ष्य पाने के बावजूद बिखर रही थी....बल्लेबाजों ने केपटाउन में ऐसा करिश्मा किया कि...जिसमें स्मिथ एंड कंपनी का गणित गड़बड़ा गया....जोहानिस बर्ग के बाद केपटाउन में भी आखिर वो लम्हा आया जब survival Plan ने अपनी मंजिल तक का सफर रोमांचक तरीके से पूरा कर लिया...बहरहाल धोनी के अनोखे प्लान के सामने प्रोटियाज बार बार ढ़ेर हो रहे ही..अब तो फैंस को यही उम्मीद है कि सीरीज में बचे दोनों वनडे में जीत हासिल कर धोनी वर्ल्ड कप की तैयारियों का पुख्ता सबूत पेश करेगें...क्योंकि फीवर 2011 का चैंपियन बनना है तो survival Plan पर भरोसा करना ही होगा...

स्पोर्ट्स खबर

सोमवार, 13 दिसंबर 2010

अफीकन सफारी पर टीम इंडिया


अफ्रीकन सफारी पर रिकॉर्ड

टीम इंडिया मिशन फाइनल फ्रंटियर के तहत साउथ अफ्रीका से भिड़ने को तैयार है...टेस्ट में बेस्ट माही ब्रिगेड कामयाबी की उड़ान भर रही है.....पहले ऑस्ट्रेलिया....फिर न्यूजीलैंड को रौंदने के बाद अब बारी है....साउथ अफ्रीका की....अफ्रीकन सरजमीं पर जहां टेस्ट की महाटक्कर होगी तो वहीं टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों के निशाने पर होगा रिक़ॉर्ड... रिकॉर्ड की रेस में..मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर...दीवार द्रविड़....वीवीएस लक्षमण....कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी...स्टार बल्लेबाज गौतम गंभीर...फिरकी किंग हरभजन सिंह औऱ स्पीड स्टर ईशांत शर्मा शामिल हैं....
सबसे पहले बात सचिन तेंदुलकर की
सचिन के निशाने पर एक नहीं बल्कि दो रिकॉर्ड होंगे... न्यूजीलैंड के खिलाफ मास्टर ब्लास्टर भले ही शतकों के अर्धशतक से चूक गए हों...लेकिन अफ्रीका में सचिन अपने शतकों के अर्धशतक के जश्न मनाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं...तो वहीं अफीकन सरजमीं पर सचिन एक हजार रन पूरे करने से सिर्फ 165 रन दूर हैं...सचिन ने अब तक साउथ अफ्रीका में 12 मैच खेलें हैं जिसमें उन्होंने 39.76 की औसत से कुल 835 रन बनाए हैं...सचिन अगर 1000 रन पूरे कर लेते हैं तो वो पहले भारतीय और दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे...इससे पहले इंग्लैंड के वॉली हैमंड ही दक्षिण अफ्रीका में 1000 रनों के आंकड़ें के छू पाए हैं...
द्रविड़ के निशाने पर दो रिकॉर्ड
सचिन के निशाने पर जहां दो रिकॉर्ड हैं... तों वहीं टीम इंडिया की दीवार राहुल द्रविड़ भी दो रिकॉर्ड बनाने की पूरी तैयारी में हैं...द्रविड़ इस सीरीज में 11 रन बनाते ही वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा को पीछे छोड़कर दुनिया में सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में तीसरे नंबर पर पहुंच जाएंगे।द्रविड़ के नाम पर 147 टेस्ट में 53.31 की औसत से 11,943 रन दर्ज हैं, जो लारा के 11,953 से 10 रन कम हैं। इसके साथ द्रविड़ अगर एक कैच लपकते ही कैचों का दोहरा शतक पूरा करने वाले दुनिया के पहले फील्डर बन जाएंगे।
लक्षमण के निशाने पर रिकॉर्ड
टीम इंडिया की रीढ़ और वेरी वेरी स्पेशल बल्लेबाज लक्षमण के पास भी इस सीरीज में 8 हजार रन पूरा करने का भरपूर मौका होगा...लक्षमण ने अब तक 117 टेस्ट में 47.57 की औसत से 7707 रन बनाए हैं..अगर लक्षमण अफ्रीकर सरजमीं पर 293 रन बनाने में कामयाब हो जाते हैं तो वो 8 हजार टेस्ट रना का आंकड़ा छूने वाले भारत के चौथे औऱ दुनिया के 22वें बल्लेबाज बन जाएंगे...
इसके अलावा कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी और स्टार बल्लेबाज गौतम गंभीर को पास टेस्ट में तीन हजारी बनाने का पूरा मौका होगा ...गंभीर टेस्ट में तीन हजार रनों से जहां 8 रन दूर हैं तो कप्तान धोनी 254 रन दूर हैं...तो वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ दो शतक लगाने वाले हभजन सिंह भी टेस्ट में 2000 रन बनाने वालों के क्लब में शामिल होना चाहेंगे..हरभजन सिंह के नाम अभी तक टेस्ट में 1916 रन दर्ज है..
शतकवीर बनेंगे ईशांत
बल्लेबाज जहां रनों की बरसात कर रिकॉर्ड किंग बनने की तैयारी कर रहें हैं...तो वहीं टीम इंडिया के स्पीड स्टर ईशांत की ख्वाहिश है शतकवीर बनने की...ईशांत टेस्ट मैचौं में 100 विकेट हासिल करने से सिर्फ 17 विकेट दूर हैं...ईशांत अब तक 28 मैचों में 3.42 की बेहतरीन इकॉनमी से कुल 83 विकेट हासिल कर चुके है....टीम इंडिया के लिए ये पहला मौका होगा जब उनके आधे प्लेयर्स के निशाने पर रिकॉर्ड होगा...अब फैंस यही दुआ कर रहे हैं टीम इंडिया की ख्वाहिश पूरी हो..

मंगलवार, 25 अगस्त 2009

क्रिकेट का बिगड़ैल बच्चा छोड़ गया टेस्ट क्रिकेट को


अलविदा फ्रेडी

ओवल टेस्ट कई मायनों में इंग्लिश टीम के लिए यादगार रहा......ऐशेज़ सीरीज़ पर कब्जा करने के साथ ही इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर एंड्रूय फ्लिटॉफ ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है......ओवल टेस्ट में मिली शानदार जीत से इंग्लिश टीम ने अपने सबसे चहेते क्रिकेटर को यादगार विदाई दी है इंग्लिश टीम के खिलाड़ी अपने फ्रेडी को नम आंखों से विदाई तो दे दी लेकिन इतिहास हमेशा इस खब्बू क्रिकेटर को याद रखेगा क्योंकि ये क्रिकेटर हार कर नहीं बल्कि जीत का डंका बजाकर क्रिकेट से अलविदा कह रहा है..

फ्लिंटॉफ भले ही अब टेस्ट क्रिकेट में दोबारा नजर आए......लेकिन वर्ल्ड क्रिकेट के ऑलटाइम ग्रेट ऑलराउंडर्स में शुमार एंड्रयू फ्लिंटॉफ को क्रिकेट फैंस अपनी ताउम्र नहीं भूल पाएंगे... ओवल टेस्ट मे इंग्लैंड टीम की शानदार जीत ने जहां लाखो इंग्लिश क्रिकेट फैन्स को.....ऐशेज़ का यादगार तोहफा दिया.....वहीं फ्लिंटॉफ की टेस्ट क्रिकेट से विदाई ने क्रिकेट फैन्स की आंखों को नम भी कर दिया.....हालांकि ये फ्लिंटॉफ के बुलंद हौसलों का ही कमाल था.....कि घुटने की चोट के दर्द को मात देकर फ्लिंटॉफ ने ओवल टेस्ट के लिए खुद को फिट किया......

इंग्लिश टीम के सबसे बड़े मैच विनर माने जाने वाले फ्लिंटॉफ.....ओवल टेस्ट में कुछ खास नहीं कर सके......लेकिन फ्लिंटॉफ की मैदान पर मौजूदगी ने ही इंग्लिश टीम के लिए टॉनिक का काम किया....साथ ही ऑस्ट्रेलिया कैंप में फ्लिंटॉफ की वापसी ने हड़कंप मचा दिया.....क्योकि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग फ्लिंटॉफ का कहर.....साल 2005 की ऐशेज़ सीरीज़ में भी झेल चुके थे......तब अकेले फ्लिंटॉफ ही कंगारुओं टीम पर भारी पड़ गए थे......और एक बार फिर फ्लिंटॉफ ने कंगारुओं को हार के ताबूत तक पहुंचने का काम किया.....फ्लिंटॉफ ने मैच के चौथे दिन खतरनाक अंदाज में खेल रहे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग को पैवेलियन भेजने में अहम भूमिका निभाई.....हस्सी के कॉल पर जैसे ही पॉन्टिंग एक रन लेने के लिए आगे बढ़े......तो मानो मिड ऑन पर खड़े फ्लिंटॉफ इसी मौके का इंतजार कर रहे थे.....फ्लिंटाफ ने चीते की फुर्ती से बॉल पकड़ी और स्टंप्स की बेल्स उड़ी दी.....और ऑस्ट्रेलियाई टीम को हार की ओर धकेल दिया.....ऐशेज़ में यादगार जीत दिलाकर फ्लिंटॉफ ने ना केवल इंग्लैंड को उसकी साख वापस दिलाई है.....बल्कि शानदार अंदाज में संन्यास लेकर क्रिकेट जानकारों को ये कहने पर मजबूर भी कर दिया है.....कि रिटायरमेंट हो.....तो ऐसा। शान से विदाई तो फ्रेडी ने टेस्ट क्रिकेट से ले ही ली है लेकिन फैंस को निराश होने की जरूरत नहीं क्योंकि फ्लिंटॉफ का जलवा वनडे क्रिकेट औऱ ट्वेंटी-ट्वेंटी में जरूर दिखता रहेगा..।


रजनीश कुमार स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट

क्या कंगारू हुए कंगाल ?


पॉटिंग का सूर्य अस्त ?

ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत अगर खत्म हुई है..तो उसमें पोन्टिंग का बैड लक भी शामिल रहा...जिस कप्तान ने लगातार दो वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया का झंडा बुलंद किया....2003 से टेस्ट रैंकिंग में अपनी टीम को नम्बर वन के दर्जे पर बनाए रखा...आज एक अदद जीत के लिए तरसता नज़र आ रहा है...अब इसे पॉन्टिंग का बैड लक नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे

एक खिलाड़ी
एक कप्तान
वो कभी ऑस्ट्रेलिया का सुरज हुआ करता था
लेकिन आज वो सूरज अस्त हो गया है
किसने सोचा था...कि एक वर्ल्ड चैम्पियन कप्तान औंधे मुंह ज़मीन पर गिर पड़ेगा.... वो भी इस तरह की फिर कभी उसे उठने का मौका ही नहीं मिलेगा... ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग कभी अपनी टीम पर नाज़ किया करते थे.... लेकिन किस्मत का फेर तो देखिए....आज मंज़र ऐसा है कि इस कप्तान को इसी की टीम ने कहीं का नहीं छोड़ा...

रिकी पॉन्टिंग की किस्मत ने ऐसी पलटी मारी...कि वो सीधे अर्श से फर्श पर आ गिरे..
पॉन्टिंग को ऐशेज़ सीरीज़ 2009 शुरू होने से पहले शायद ही ये अंदाज़ा रहा होगा...कि अगर सीरीज़ गंवाई तो एक ऐसा रिकॉर्ड उनके नाम हो जाएगा...जिसे हासिल करना कोई भी कंगारू कप्तान नहीं चाहेगा....
लेकिन अन्जाने में ही...पॉन्टिंग को ये सदमा भी लग गया...
1890 में बिली मर्डॉक के बाद पॉन्टिंग दूसरे ऐसे कप्तान बन गए, जिन्हें अपनी कप्तानी में इंग्लैंड की सरज़मीं पर लगातार दो एशेज़ सीरीज़ गंवानी पड़ी हो...
बतौर कप्तान पॉन्टिंग का ये हश्र...दर्शाने के लिए काफी है कि अब ये सुरज ढ़ल चुका है
हालांकि इस बीच यकीन करना भी थोड़ा मुश्किल है....कि जिस खिलाड़ी ने कप्तानी की ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए...ऑस्ट्रेलियाई टीम को टेस्ट क्रिकेट में सालों तक नम्बर वन के पायदान पर बनाए रखा.... दो बार क्रिकेट वर्ल्ड कप का ताज पहनाया....आज वही कप्तान कटघरे में खड़ा है.... ऑस्ट्रेलियाई मीडिया, जो कभी अपने सुपर कप्तान के गुण गाया करती थी....आज उसी से सवाल पूछ रही है.... ज़ाहिर है जब किस्मत साथ छोड़ती है...तो इंसान को जवाब देना भी मुश्किल हो जाता है...पंटर यानी रिकी पॉन्टिंग के साथ भी अब कुछ ऐसा ही हो रहा है।


रजनीश कुमार स्पोर्ट्स खबर