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शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010

2010 में खेलों की दुनिया के दबंग



खेल खेल में 2010

साल 2010 में 5 दबंग खिलाड़ियों की दबंगई खूब देखने को मिली...क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर ने ऐतिहासिक कारनामा कर साल के नंबर वन दबंग बने तो वहीं दूसरे दबंग धोनी की दबंगई भी चर्चे में रही....क्रिकेट के मैदान से बाहर दूसरे खेलों में गगन नारंग ने अपनी कामयाबी से दबंग की सूची में शुमार हो गए तो वहीं गोल्डन गर्ल सायना नेहवाल जा जादू और बॉक्सर विजेंदर का मुक्का खूब चला।
सबसे बड़े दबंग सचिन
सचिन ने साल 2010 का आगाज किया ... ग्वालियर वन-डे में अपने एतिहासिक दोहरे शतक के साथ । वन-डे क्रिकेट की पहली दोहरी शतकीय पारी से सचिन ने ... पाकिस्तान के सईद अनवर के 194 रनों का रिकॉर्ड तोड़ा ...इसके बाद टेस्ट क्रिकेट में 14 हज़ार रनों का जादुई आंकड़ा भी छुआ...लेकिन सचिन के करियर का सबसे यादगार लम्हा आया ... 19 दिसंबर को ...सेंचुरियन के मैदान पर ...साउथ अफ्रीका के खिलाफ शतक बनाकर सचिन शतकों का अर्द्धशतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गए। इसके साथ ही सचिन को भारत रत्न दिए जाने की मांग एक बार फिर तेज़ हो गई
कैप्टन कूल धोनी की दबंगई
टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सफलतम कप्तानों में शुमार हुए...धोनी ने एशिया कप में 15 साल के सूखे को खत्म करते हुए एशियाई बादशाहत हासिल की...साथ ही धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने घर और विदेशी सरज़मीं पर कई वनडे सीरीज़ जीती...बल्लेबाज़ी में भी धोनी छाए रहे...करीब 9 महीने तक धोनी आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर वन बल्लेबाज़ रहे...
शूटिंग का सबसे बड़ा दबंग
वर्ल्ड शूटिंग चैम्पियन में धमाल मचाने के बाद गगन नारंग ने दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड पर अचूक निशाना लगाया...गगन ने यहां 4 गोल्ड मेडल जीते...हालांकि ग्वांगज़ू एशियन गेम्स में गगन का निशाना चूक गया...और उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल से ही संतुष्ट करना पड़ा..लेकिन बावजूद इसके गगन एशियन रैंकिंग में नंबर वन शूटर बने
गोल्डन गर्ल सायना नेहवाल
बैडमिंटन क्वीन सायना नेहवाल ने सुपर सीरीज़ में हैट्रिक लगाने के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने रैकेट की रफ्तार से शानदार प्रदर्शन दिखाया...और गोल्ड मेडल हासिल करते हुए...ये हैदराबादी गर्ल गोल्डन गर्ल बन गई...हालांकि कॉमनवेल्थ गेम्स की शानदार फॉर्म सायना एशियन गेम्स में जारी नहीं रख सकी...लेकिन हांगकांग सुपर सीरीज़ जीतकर ...सायना रैंकिंग में 8 पायदान से 2 पायदान तक पहुंचीं
विजेंदर सिंह का मुक्का
बीजिंग ओलंपिक के ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट विजेंदर ने कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल हासिल न कर पाने की कसक एशियन गेम्स में पूरी की...विजेंदर ने एशियन गेम्स में अपने मुक्कों का ज़ोर दिखाते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया...विजेंदर अपने शानदार प्रदर्शन से नंबर वन बॉक्सर बने रहे।
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खेल खेल में 2010




एशियन गेम्स में भारत का जलवा

कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ियों का अगला मिशन था एशियन गेम्स ... ग्वांगज़ू में हुए 16वें एशियन गेम्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा ... हालांकि इस मिशन में कई नामी खिलाड़ी फ्लॉप भी साबित हुए। लेकिन अच्छी बात ये रही कि कई युवा चेहरों ने देश के लिए मेडल्स के साथ गौरव हासिल किया ।
(पंकज ने दिलाई सुनहरी शुरूआत)
एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्डन अभियान की शुरूआत ... की बिलियर्ड्स के वर्ल्ड चैंपियन पंकज अडवाणी ने ... 2006 दोहा एशियन गेम्स की तरह पंकज ने 2010 में भी देश के नाम गोल्ड मेडल दिलाया।
(एथलीट्स ने रचा इतिहास)
एशियन गेम्स में भारत के लिए सबसे बड़ी सफलता लाए एथलीट्स ... कॉमनवेल्थ गेम्स की तरह भारतीय एथलीटों ने ग्वांगज़ू में भी उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया ... एथलीट अश्विनी अकुंजी ने 4X400 मीटर रिले के सिंगल्स और टीम इवेंट ... दोनों में गोल्ड मेडल हासिल किए। पूरे गेम्स के दौरान एथलेटिक्स से भारत को 5 गोल्ड समेत कुल 11 मेडल्स मिले।
(शूटरों ने किया निराश)
हालांकि मेडल्स की सबसे बड़ी उम्मीद रहे भारतीय शूटर्स एशियन गेम्स में फ्लॉप साबित हुए। मेडल्स के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे ओलंपिक गोल्ड मैडेलिस्ट अभिनव बिंद्रा ... और कॉमनवेल्थ के हीरो रहे गगन नारंग ... गोल्ड पर निशाना लगाने से चूक गए। तो वहीं ट्रैप शूटर रोंजन सोढी ने देश को शूटिंग में इकलौता गोल्ड मैडल दिलाया।
(साइना ने तोड़ी उम्मीद)
शूटर्स की तरह कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मैडेलिस्ट ... औऱ स्टार शटलर सायना नेहवाल से भी ... देश को एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल की उम्मीद थी। लेकिन ग्वांगज़ू में सायना का सफर गोल्ड मेडल तो दूर सेमीफाइनल से भी पहले खत्म हो गया। सायना कोई भी मेडल नहीं जीत सकीं ।
(बदला मेडल का रंग)
गेम्स में भारत को मेडल टैली में मज़बूती दिलाने के लिए ... बॉक्सर्स की अहम भूमिका रही। जहां ओलंपिक ब्रांज़ मेडेलिस्ट विजेंद्र सिंह ने ... पहली बार किसी बड़े इवेंट में गोल्ड मेडेल जीता ... वहीं विकास कृष्णन औऱ दिनेश कुमार समेत बॉक्सर्स ने पूरे इवेंट में कुल 9 मेडल अपने नाम किए।
(टेनिस ने भी दिखाया दम)
इधर टेनिस इवेंट्स में सानिया मिर्जा ... भले ही एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल नहीं जीत सकीं ... लेकिन मेन्स इवेंट में युवा सोमदेव बरमन ने ... फैंस की उम्मीदों को निराश नहीं होने दिया। सोमदेव ने पहले डब्ल्स औऱ फिर मेन्स सिंगल्स इवेंट में भी ... गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
(28 साल पुराना रिकॉर्ड)
ग्वांग्ज़ू में भारतीय दल ने ... 1982 एशियन गेम्स के 57 मेडल्स के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। ग्वांगज़ू में भारत ने कुल 64 मेडल हासिल किए जिसमें 14 गोल्ड, 17 सिल्वर और 33 ब्रांज शामिल रहे। gfx out... हालांकि इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बावजूद ... मेडल्स टेली में भारत छठे स्थान पर ही पहुंच सका।
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खेल खेल में 2010



कॉमनवेल्थ की कहानी

साल 2010 में भारत के नज़रिए से देखा जाए तो सभी की निगाहें टिकीं थी ... इस साल होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी पर। तमाम विवादों और National और International Media की Negative Publicity को देखते हुए ... कॉमनवेल्थ गेम्स देश की नाक का सवाल बन गए थे। लेकिन ना सिर्फ भारत ने गेम्स का सफल आयोजन किया ... बल्कि भारतीय खिलाड़ियों ने भी इस बीच अपने प्रदर्शन से मेडल टेली में तिरंगे का मान बढ़ाया।
3 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक पूरी दुनिया ने माना ... दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का लोहा । जिसके साथ ही खत्म हो गया वो डर ... जो गेम्स की अधूरी तैयारियों, विदेशी एथलीट्स के backout ... औऱ बड़े-बड़े-बड़े घोटालों की खबरों के बीच ... हर भारतीय के दिल में पैदा हो गया था।
हैरतअंगेज़ ओपनिंग सेरेमनी
3 अक्टूबर की एतिहासिक शाम ... दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित हुई ... कॉमनवेल्थ गेम्स की यादगार ओपनिंग सेरेमनी। भारतीय संस्कृति, कला, बॉलीवुड के तड़के ... और अविश्वसनिय Arostat गुब्बारे के Effects के तालमेल के साथ ये ऐसी ओपनिंग सेरेमनी थी ... जिसे पूरी दुनिया ने देखा। विवादों के बावजूद ए.आर रहमान के बनाए थीम सांग ने भी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सुर्खियां बटोंरी। जिसके बाद 4 अक्टबूर से शुरू हुआ 21 खेलों में ... 71 देश के खिलाड़ियों के बीच ... मेडल्स का वो घमासान जिसमें कोई किसी ने कम नहीं था।
भारतीय शूटर्स ने दिखाया शौर्य
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को सबसे ज्यादा मेडल मिले शूटिंग से ... जिसमे शूटर्स ने कुल 30 मेडल हासिल किए। इसमें 14 गोल्ड, 11 सिल्वर और 5 ब्रान्ज शामिल रहे।
नारंग बने गोल्डन ब्वॉय
लेकिन तमाम शूटर्स के बीच अलग पहचान बनाई गगन नारंग ने ... जिन्होंने एक के बाद एक रिकॉर्ड कॉमनवेल्थ गेम्स में 4-4 गोल्ड मेडल हासिल कर कमाल कर दिया। गगन के अलावा विजय कुमार और ओंकार सिंह ने भी अपने अचूक निशाने से गेम्स में 3-3 गोल्ड मेडल्स जीते।
पहलवानों का 'धोबीपछाड़'
शूटर्स के अलावा भारतीय पहलवानों ने भी कॉमनवेल्थ गेम्स में जमकर सोना बटोरा ... सुशील कुमार समेत कई पहलवानों ने भारतीय़ पहलवानी के गुर को ऐसा आज़माया कि गेम्स खत्म होते-होते पहलवानी से भी ... देश की झोली में 10 मेडल्स आ गए।
बॉक्सर्स की हुई बल्ले-बल्ले
वहीं बॉक्सिंग से भी देश की झोली में कुल 7 मेडल्स आए। सुरंजय कुमार, मनोज कुमार और परमजीत समोटा ने जहां अपने मुक्के के दम पर गोल्ड मेडल हासिल किया ... वहीं वर्ल्ड नंबर-1 विजेन्द्र सिंह सिर्फ ब्रांज़ मेडल ही जीत पाए।
लगा मेडल्स का शतक
इसी तरह कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स से भारत ने ... 12 मेडल जीतकर इतिहास बनाया । तो बैडमिंटन में भी सायना नेहवाल और doubles मुकाबले में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने गोल्ड मेडल्स जीते। टेनिस में देश के लिए स्टार रहे युवा सोमदेव देवबर्मन ... जिन्होंने मेन्स सिंग्ल्स में गोल्ड औऱ मिक्सड डबल्स में सिल्वर मेडल जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय हॉकी ने भी रफ्तार पकड़ी ... औऱ मेन्स टीम ने फाइनल तक का सफर तय करते हुए सिल्वर मेडल पर कब्ज़ा किया। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारतीय खिलाड़ियों औऱ एथलीट्स का ... ये अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन था। पहली बार भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेडल टैली में दूसरे स्थान पर रहा। पूरे गेम्स में भारत ने 38 गोल्ड, 27 सिल्वर औऱ 36 ब्रांज़ समेत कुल 101 मेडल जीते।
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खेल खेल में 2010



फीफा वर्ल्ड कप का रोमांच
साल 2010 में खेलों का असली फीवर देखने को मिला ... जून के महीने में । औऱ इस दौरान 31 दिनों तक साउथ अफ्रीका में खेला गया फीफा वर्ल्डकप-2010 । ओपनिंग सेरेमनी से लेकर ... फाइनल मुकाबले तक ... पूरी दुनिया फुटबॉल वर्ल्डकप के रंग में डूबी नज़र आई। जिसके बाद पहली बार फुटबॉल इतिहास में स्पेनिश टीम बनीं ... चैंपियन।
खेलों के मद्देनज़र साल 2010 का सबसे बड़ा इवेंट रहा ... FIFA वर्ल्ड कप । RELIEF पूरी दुनिया के साथ-साथ साउथ अफ्रीकी फिज़ा में भी फुटबॉल वर्ल्ड कप के सुर गूंजने लगे थे। ..TAKE AMBIENCE कहीं ओ अफ्रीका की धुन पर ... जश्न मनाया जा रहा था ... RELIEF तो कहीं लैटिन सिंगर शकीरा का वाका-वाका ... फुटबॉल फैन्स को अपनी धुन पर झूमने को मजबूर किए हुआ था।
RELIEF WITH WAKA WAKA ... आखिरकार WAVING FLAG के नारे औऱ धमाकेदार ओपनिंग सेरेमनी के साथ ... 10 जून को फुटबॉल वर्ल्ड कप का औपचारिक आगाज़ हुआ।
RELIEF जिसके बाद 11 जून 2010 को शुरू हुआ लीग मुकाबलों का सफर ... 31 दिनों तक 32 टीमों के बीच हर रोज़ ... बड़े-बड़े उलटफेर देखने को मिले। RELIEF कई स्टार खिलाड़ी फ्लॉप हुए ... तो कई नए सितारों का जन्म भी हुआ। RELIEF इसी बीच स्टार खिलाड़ियों से सजी फ्रांस, इंग्लैंड ब्राज़ील, इटली और अर्जेंटिना जैसी टीमें अंतिम चार में जगह बना पाने में भी नाकाम रही। RELIEF इधर अपनी काबीलियत और मेहनत के दम पर नीदरलैंड्स, उरूग्वे, जर्मनी और स्पेन की टीमों ने ... सेमीफाइनल में जगह पक्की करते हुए सुर्खियां बटोंरी RELIEF तो साथ ही दुनिया भर की मीडिया का चहेता बन गया .... जर्मनी के Aquarium में बैठा 3 साल का भविष्यवक्ता ऑक्टोपस पॉल । लीग मुकाबले से लेकर सेमीफाइनल तक ... जर्मनी की हर जीत की भविष्यवाणी करने वाले पॉल ने ... सेमीफाइनल में स्पेन की जीत और जर्मनी की हार की भविष्यवाणी की ... जिसके सच साबित होते ही जर्मनी में पॉल की जान पर बन आई। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में उरूग्वे को 3-2 से हराकर विजेता रही नीदरलैंड्स ने ... तीसरी बार वर्ल्ड कप के फाइनल में सीट पक्की की। RELIEF फाइनल से पहले एक बार फिर ... ऑक्टोपस ने भविष्यवाणी की ... और इस बार स्पेन को इतिहास रचने का दावेदार बताया । 11 जुलाई 2010 का जोहानिसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में ... खेला गया वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे रोमांचक मुकाबला । RELIEF स्पेन और नीदरलैंड्स के बीच कांटे की टक्कर हुई ... और EXTRA TIME तक खिंचे मुकाबले आंद्रे एनिएस्ता के एक गोल ने ... स्पेन को वर्ल्ड फुटबॉल का बादशाह बना दिया ।
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विवादों से भरा 2010
क्रिकेट में जहां खिलाड़ियों की जीत औऱ हार ने ... भारत में सुर्खियां बटोंरी ... वहीं बीते साल इस खेल से कई ऐसे विवाद भी जुड़े ... जिनकी बदौलत जेंटलमैन गेम बदनाम हो गया। एक नज़र डालते हैं बीते साल ... क्रिकेट के साथ जुड़ी सबसे चर्चित Controversies पर।
आफरीदी की गेंद से छेड़छाड़
हर बार की तरह साल 2010 में भी पाकिस्तान क्रिकेट सबसे ज्यादा विवादों में रहा...साल की शुरुआत में ही पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक ऐसा विवाद खड़ा कर दिया...जिसका खमियाज़ा पाकिस्तान के ट्वेंटी ट्वेंटी कप्तान शाहिद आफरीदी को 2 मैचों का बैन झलकर चुकाना पड़ा..ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक ट्वेंटी ट्वेंटी मैच में शाहिद आफरीदी बॉल से छेड़छाड़ करते पकड़े गए...अपनी टीम को हार से बचाने के लिए आफरीदी ने गेंद की सीम को दांत से उधेड़ा...और आफरीदी की यही हरकत कैमरा में कैद हुई..जिसके बाद आफरीदी को 2 ट्वंटी ट्वेंटी मैचों के लिए बैन कर दिया गया...
टीम इंडिया के खिलाफ साज़िश
साल 2010 के अगस्त में टीम इंडिया भी साज़िश का शिकार हुई...और इस साज़िश का शिकार बने टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग...दरअसल वाक्या टीम इंडिया के श्रीलंका दौरे का था...जब धोनी बिग्रेड श्रीलंका में ट्राई सीरीज़ खेलने गई थी... जहां दांबुला में खेले गए वनडे मैच में श्रीलंका टीम ने वीरेंद्र सहवाग के खिलाफ साज़िश रची...सहवाग का शतक रोकने के लिए श्रीलंका के स्पिनर सूरज रनदीव ने जानबूझकर नोबॉल डाली...जिससे सहवाग अपने वनडे करियर का 13वां शतक बनाने से सिर्फ 1 रन से चूक गए...इस साज़िश में रनदीव के साथ कप्तान कुमार संगाकारा और तिलकरत्ने दिलशान भी शामिल थे...जिसके बाद रनदीव को 1 मैच के लिए सस्पेंड कर दिया गया...जबकि दिलशान पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया...
स्पॉट फिक्सिंग का जिन्न
साल 2010 का सबसे बड़ा विवाद एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट के साथ जुड़ा...जिसने पाकिस्तान क्रिकेट को वर्ल्ड क्रिकेट में शर्मसार कर दिया...ब्रिटिश मीडिया ने फिक्सर मज़हर मजीद का एक स्टिंग ऑपरेशन किया ...जिसके वीडियो में मजीद ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ के साथ नो-बॉल डालने को लेकर फिक्सिंग की है। स्टिंग ऑपरेशन में माजीद ने खुलासा किया कि कैसे पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमेर ने निर्धारित समय पर लार्ड्स टेस्ट में नो-बॉल फेंके...जिसके बाद आसिफ, आमेर, अकमल और सलमान बट्ट को आईसीसी ने सस्पेंड कर दिया...
गिब्स की टू द प्वाइंट
साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज़ हर्शल गिब्स की बुक टू द प्वाइंट भी इस साल खूब चर्चाओं में रही..गिब्स ने अपनी विवादित किबात में सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि कैसे 1997-98 के ऑस्ट्रेलिया दौरों के समय कई महिलाओं के साथ संबंध बनाए।
हर्शल गिब्स ने अपनी आत्मकथा में द्रविड़ पर भी निशाना साधा गिब्स ने लिखा कि डेक्कन चार्जर्स और बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स के बीच आईपीएल के दूसरे सीज़न के फाइनल से पहले राहुल द्रविड़ घबरा गए थे।
पाकिस्तानी क्रिकेटर गायब
पाकिस्तानी क्रिकेटर जुल्करनैन का अपनी टीम से अचानक गायब हो जाना भी विवादों का हिस्सा रहा...हालांकि दुबई से गायब हुए जुल्करनैन जल्द ही लंदन के एक होटल में तो मिल गए...लेकिन फिक्सिंग के जुड़े जो खुलासे जुल्करनैन ने किए...उससे एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट बदनाम हुआ ।
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साल 2010 के शर्मनाक लम्हेंबीते साल अगर प्रदर्शन के लिहाज़ से टीम इंडिया अव्वल रही ... तो ऐसा नहीं था कि उसके हिस्से में नाकामियां नहीं आईं । हालांकि नाकामयाबियों की ये फेहरिस्त छोटी थी ... लेकिन इसमें शामिल था ... वेस्टइंडीज़ में खेला गया फटाफट क्रिकेट का सबसे बड़ा महाकुंभ ... ट्वेंटी-20 वर्ल्डकप।
ट्वेंटी-20 वर्ल्डकप में हुए शर्मसार
ढेढ महीने तक आईपीएल में पसीना बहाने औऱ ... खुद को मिली थकावट को लेकर टीम इंडिया मई महीने में पहुंची वेस्टइंडीज़। जहां लीग राउंड में ही बाहर होने के बाद ... धोनी ब्रिगेड को 2009 की तरह ज़िल्लत का सामना करना पड़ा। ट्वेंटी-20 के स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों से भरी टीम इंडिया ... वर्ल्डकप में जीत की सबसे मज़बूत ... दावेदारों में से एक मानी जा रही थी। पिछसे दो साल के दौरान खेले गए आईसीसी इवेंट्स में ... ये धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया को मिली ... लगातार तीसरी हार थी।
जिम्बाब्वे में करारी हार
साल 2010 में टीम इंडिया के हाथ एक और नाकामी तब लगी ... जब टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे का दौरा किया। ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप के बाद सेलेक्टर्स ने टीम के सीनियर खिलाड़ियों को ... जिम्बाब्वे ट्राई सीरीज़ के लिए आराम का मौका दिया। टीम की कप्तानी रही सुरेश रैना के हाथ में ... लेकिन सेलेक्टर्स का ये experiment तब बुरी तरह fail हो गया जब ज़िम्मबॉब्वे जैसी कमज़ोर टीम भी ... रैना के रणवीरों पर इक्कीस साबित हुई। पूरी सीरीज़ में टीम इंडिया ने 4 मैच खेले ... जिसमें से उसे 3 मैचों में हार का सामना करना पड़ा ।
अफ्रीका में टूटी उम्मीद
टीम इंड़िया के लिए साल 2010 का ... आखिरी इम्तिहान रहा साउथ अफ्रीका में । हालांकि सीरीज़ में टीम इंडिया टेस्ट की नंबर-1 टीम के तौर पर शिरकत कर रही थी ... लेकिन बदकिस्मती ये रही ... कि पहले की तरह एक बार फिर ... उसकी हार का सिलसिला जारी रहा। सेंचुरियन औऱ डरबन में एक ही कहानी बार-बार देखने को मिली ... और अफ्रीकी गेंदबाज़ों की रफ्तार के सामने भारतीय बल्लेबाज़ों ने घुटने टेक दिए। नतीजा ये रहा कि सीरीज़ का आखिरी टेस्ट आने से पहले ही मेहमान ... मेज़बानों के हाथों सीरीज़ गंवा चुके थे।
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टीम इंडिया के लिए अगर साल 2010 यादगार रहा ... तो मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के लिए ... बीता साल एतिहासिक रहा। इस साल सचिन ... रिकॉर्ड्स का भी रिकॉर्ड बनाते नज़र आए।
21 साल क्रिकेट कि पिच पर बिताने वाले सचिन ... मानों साल 2010 में खुद 21 के हो गए ... टेस्ट, वन-डे या टी-20 ... हर फॉर्मेट में क्रिकेट के इस भगवान के बल्ले का ही बोलबाला रहा।
डबल धमाके से किया साल का आगाज
सचिन ने साल 2011 का आगाज किया ... ग्वालियर वन-डे में अपने एतिहासिक दोहरे शतक के साथ । वन-डे क्रिकेट की पहली दोहरी शतकीय पारी से सचिन ने ... पाकिस्तान के सईद अनवर के 194 रनों के ... सर्वाधिक रनों के रिकॉर्ड को तो तोड़ा औऱ ... साथ ही वर्ल्ड क्रिकेट को आगाह कर दिया कि आने वाले साल में ... उनका बल्ला क्या धमाल मचाने वाला है।
IPL में भी जमकर बरसाए रन
वन-डे इतिहास का दोहरा शतक बनाने के बाद बारी आई IPL की ... जहां सचिन अकेले अपने दम पर मुंबई इंडियन्स को टूर्नामेंट के फाइनल तक ले गए। पूरे टूर्नामेंट के दौरान सचिन ने 618 रन बनाए ... और मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब भी उन्हीं के नाम रहा।
टेस्ट में भी बनाए रिकॉर्ड्स
टेस्ट क्रिकेट में लिहाज़ से भी साल 2010 सचिन के ही नाम रहा ... साल खत्म होते-होते सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में कई यादगार औऱ बेमिसाल पारियां खेलीं । इसी साल सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में 14 हज़ार रनों का जादुई आंकड़ा भी छुआ ... अपने करियर की बेहतरीन फॉर्म से गुज़र रहे सचिन ने इस दौरान 7 शतक जमाए ... जिनमें श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो दोहरे शतक भी शामिल थे ।
बनाया शतकों का अर्द्धशतक
लेकिन फैन्स के लिए सचिन के करियर का सबसे यादगार लम्हा आया ... 19 दिसंबर को सेंचुरियन के मैदान पर ... जब साउथ अफ्रीका के खिलाफ शतक बनाकर मास्टर ब्लास्टर ... टेस्ट इतिहास में शतकों के अर्द्धशतक को बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गए।
उपलब्धियों का मिला सम्मान
वन-डे क्रिकेट में बनाए गए सचिन के पहले दोहरे शतक की मौके को ... अमेरिका की प्रतिष्ठित 'Time' मैगज़ीन साल 2010 के Golden Sporting Moments Of The Year में शामिल किया। इतना ही नहीं सचिन साल 2010 में ... अवॉर्ड्स फंक्शन्स में भी खासे व्यस्त रहे। बीते एक साल में किए बेहतरीन प्रदर्शन पर ... सचिन को आईसीसी ने क्रिकेटर ऑफ द ईयर औऱ People's Choice Award से भी सम्मानित किया। लेकिन फैन्स के लिए सचिन की चाहत सिर्फ यहीं खत्म नहीं हुई ... 2010 में सचिन ने दुनिया भर में हुए Online Voting Polls में भी बार-बार बाज़ी मारी।
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साल 2010 में वर्ल्ड क्रिकेट की सबसे ज़्यादा ... व्यस्त अगर कोई टीम रही ... तो वो थी हमेशा की तरह टीम इंडिया। वन-डे, टेस्ट और ट्वेंटी-20 ... हर फॉर्मेट में भारतीय क्रिकेटर्स ... मैदान पर सबसे ज़्यादा दिन बिताने के मामले में ... पहले नंबर पर रहे। लेकिन अच्छी बात ये रही कि टीम ने ... मैच खेले भी औऱ जीते भी ... एक नज़र बीते साल में टीम इंडिया के जीत के सफर पर ...
बांग्लादेश में किया पहला धमाका
साल 2010 में सबसे पहली जीत टीम इंडिया को मिली बांग्लादेश में ... जहां करीब एक महीने लंबे दौरे पर पहले टीम इंडिया ने श्रीलंका औऱ बांग्लादेश के साथ खेली गई ट्राई सीरीज़ पर कब्ज़ा किया ... और फिर टेस्ट सीरीज़ में अपना परचम लहराते हुए मेज़बानों को 2-0 से रौंद दिया। सीरीज़ के हीरो रहे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर जिन्होंने ... दो टेस्ट मैचों में दो शतक जमाए।
साउथ अफ्रीका को दी मात
बांग्लादेश को रौंदने के बाद ... टीम इंडिया का इम्तिहान रहा घरेलू सरज़मी पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ । हालांकि साउथ अफ्रीका से खेली गई 2 टेस्ट की सीरीज़ में तो कोई नतीजा नहीं निकल सका ... लेकिन टेस्ट के बाद खेली गई वन-डे सीरीज़ में ज़रूर धोनी ब्रिगेड ने अफ्रीका को 2-1 से हरा दिया। यहां भी सीरीज़ के हीरो रहे सचिन तेंदुलकर।
एशिया बादशाहत पर किया कब्ज़ा
इंटरनेशनल क्रिकेट में टीम इंडिया का अगला पड़ाव था ... श्रीलंका जहां धोनी ब्रिगेड ने ट्वेंटी-20 वर्ल्डकप की हार पर मरहम लगाया ... एशिया कप की जीत के साथ । टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टीमों को एक-तरफा मात दी ... औऱ 15 साल वन-डे क्रिकेट में एशियाई बादशाहत का ताज अपने नाम कर लिया।
हालांकि इसके तुरंत बाद श्रीलंका के साथ खेली टेस्ट सीरीज़ का नतीजा 1-1 के साथ बराबरी पर खत्म हुआ।
कंगारूओं को किया पस्त
इंटरनेशनल क्रिकेट में टीम इंडिया का अगला नंबर लगा घरेलू सरज़मी पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ... जिसे 2-0 से रौंदते हुए पहले टीम इंडिया ने ... बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर लगातार दूसरी बार कब्ज़ा किया ... औऱ फिर वनडे सीरीज़ में भी कंगारुओं को 1-0 से मात दी।
कीवियों का सफाया
लेकिन टीम इंडिया के लिए साल 2010 की सबसे ... एक-तरफा सीरीज़ रही न्यूज़ीलैंड के खिलाफ । पूरे दौरे पर मेहमान कीवि जीत के लिए तरसते रहे । हालांकि तीन टेस्ट की सीरीज़ में टीम इंडिया सिर्फ 1-0 से न्यूज़ीलैंड को हरा सकी ... लेकिन वनडे सीरीज़ में कीवियों का सूपड़ा साफ हो गया। सीनियर खिलाड़ियों की गैर-मौजूदगी और गौतम गंभीर की कप्तानी में युवाओं ने ऐसा जोश दिखाया ... कि सीरीज़ पर टीम-इंडिया का 5-0 से कब्ज़ा हो गया।

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खेल खेल में 2010



हार बार की तरह साल की शुरूआत की क्रिकेट से जिसमें साल 2010 के आगाज़ के बाद ... पहला बड़ा इवेंट रहा आईपीएल यानि इंडियन प्रीमियर लीग । लेकिन पिछले साल विदेशी हो चुकी आईपीएळ ... 2010 में एक बार फिर देसी हो गई। पहले दोनों सीज़नों की तरह आईपीएळ का तीसरा सीज़न भी सुपरहिट रहा ... हालांकि विवादों से इस बार भी आईपीएल खुद को बचा नहीं पाया। बीसीसीआई की मल्टी मिलियन लीग आईपीएल के सीज़न-3 का आगाज़ हुआ ... चेयरमैन ललित मोदी की इस speech औऱ शानदार ओपनिंग सेरेमनी के साथ। जिसके साथ ही सीज़न-2 में परदेसी हो गई फटाफट क्रिकेट की मेगा लीग ... एक बार फिर देसी हो गई। PROMO क्रिकेट, कॉर्पोरेट वर्ल्ड औऱ बॉलीवुड के एक और मिलन के बाद अब बारी थी 22 गज के पिच पर ... दनादन क्रिकेट के घमासान की।
सीज़न-2 की डिफेंडिंग चैंपियन डैक्कन चार्जर्स ... और कोलकाता नाइट राइडर्स के मैच के साथ ... सीज़न-3 का कारवां ऐसा शुरू हुआ जो पूरे 60 मैचों तक जारी रहा। उतार-चढ़ाव से भरे सीज़न-3 में ... एक तरफ नाइटराइडर्स ने धमाकेदार आगाज़ किया...RELIEF तो साथ ही सचिन की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस भी ... अपने दमदार खेल से सभी को चौंकाती रही। इसी बीच आईपीएल के लिए की गई ज़बरदस्त मार्केटिंग औऱ प्रोमोशन के ज़रिए ... सीज़न-3 में फैन्स को भी अपने पसंदीदा क्रिकेट सितारों के साथ ... देर रात तक आईपीएल parties attend करने का मौका मिला। ... लीग के रोमांच ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ी औऱ सीज़न-1 की चैम्पियन राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली डेयरडेविल्स जैसी मज़बूत टीमें भी सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गईं। RELIEF WITH GFX IN पहले सेमीफाइनल में बैंग्लोर रॉयल चैलेंजर्स को रौंदकर मुंबई इंडियंस ने फाइनल में जगह बनाई ... तो वहीं दूसरे सेमीफाइनल में धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स ने डिफेंडिंग चैम्पियन डेक्कन चार्जर्स को हराकर फाइनल का टिकट पक्का किया। ... लेकिन जोरदार फाइनल के बाद आखिरकार
बाज़ी हाथ लगी चेन्नई सुपरकिंग्स के नाम। सीज़न-3 में यूं तो अपने खेल से सचिन तेंदुलकर, किरोन पोलार्ड औऱ जैक कालिस जैसे कई खिलाड़ी चर्चाओं में रहे ... लेकिन मैदान से बाहर आईपीएळ की नई टीमों के गठन में अपनी मनमर्ज़ी, गैरज़रूरी ट्विटरबाज़ी ... औऱ पैसों की हेराफेरी जैसे आरोपों ने ललित मोदी को भी मोस्त वाटेंड बना दिया। नतीजा ये रहा कि इधर सीज़न-3 खत्म हुआ ... और उधर बीसीसीआई ने मोदी के पर कतरते हुए ... उनसे लीग के चेयरमैन की कुर्सी छीन ली।
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